एमपी में पेपर लीक रोकने नई व्यवस्था, प्रश्न पत्र पर होगा स्कूल का डाइस कोड

भोपाल। मध्य प्रदेश में स्कूली परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। अब प्रश्न पत्र के प्रत्येक पेज पर संबंधित स्कूल का डाइस कोड, सील या बोर्ड कोड का वाटरमार्क दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लीक होने की स्थिति में यह आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि पेपर किस स्कूल से संबंधित है।

नई व्यवस्था की शुरुआत कक्षा 9वीं से 12वीं तक की सितंबर में होने वाली त्रैमासिक परीक्षाओं से की जाएगी। इसके लिए विभाग ने प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर प्रिंटिंग और वितरण तक की प्रक्रिया के लिए विशेष प्रोटोकॉल तैयार किया है।

कोड से होगी लीक पेपर की पहचान

प्रश्न पत्र पर दर्ज डाइस कोड या अन्य पहचान चिह्न के जरिए लीक हुए पेपर के स्रोत तक पहुंचना आसान होगा। यदि किसी स्कूल का प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले सार्वजनिक होता है, तो उस पर मौजूद कोड के आधार पर संबंधित स्कूल की पहचान की जा सकेगी। इससे जांच एजेंसियों को पेपर लीक के मामले में जिम्मेदारी तय करने में भी मदद मिलेगी।

प्रिंटिंग और वितरण पर भी निगरानी

विभाग ने प्रश्न पत्रों की प्रिंटिंग और वितरण प्रक्रिया को भी अधिक सुरक्षित बनाने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत प्रश्न पत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। इससे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।

स्कूल शिक्षा विभाग का यह कदम परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और विद्यार्थियों को निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।