जलभराव पर NDMC चेयरमैन ने मांगी माफी, बोले- बहाना नहीं, व्यवस्था मजबूत करेंगे; लोगों ने की तारीफ

नई दिल्ली। दिल्ली में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में हुए जलभराव को लेकर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के चेयरमैन मनोज द्विवेदी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। अधिकारी की ओर से जलभराव की समस्या की जिम्मेदारी स्वीकार करने और बहाना बनाने के बजाय खामियों को मानने पर सोशल मीडिया पर लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।

25 अगस्त को दिल्ली में हुई तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और यातायात भी प्रभावित हुआ। कुछ क्षेत्रों में पानी निकालने में सामान्य से अधिक समय लगा।

बोले- दिल से माफी मांगता हूं

NDMC चेयरमैन मनोज द्विवेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  पर लोगों से माफी मांगते हुए कहा कि 25 अगस्त को जलभराव के कारण जिन लोगों को परेशानी हुई, उनके लिए वह दिल से माफी मांगते हैं।

उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर NDMC क्षेत्र में जलभराव 15 से 20 मिनट में खत्म कर दिया जाता है, लेकिन इस बार तमाम प्रयासों के बावजूद कम से कम तीन से चार इलाकों में पानी पूरी तरह निकलने में एक घंटे से अधिक समय लगा।

72 मिमी से ज्यादा बारिश, फिर भी बहाना नहीं

द्विवेदी के मुताबिक, दिल्ली में दो घंटे से भी कम समय में 72 मिमी से ज्यादा बारिश हुई, जो सामान्य परिस्थितियों के मुकाबले अप्रत्याशित थी। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि इसे समस्या के लिए बहाने के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा और जल निकासी की व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाएंगे।

लोगों ने कहा- जवाबदेही ऐसी ही होनी चाहिए

NDMC चेयरमैन के सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और जिम्मेदारी स्वीकार करने के अंदाज की सोशल मीडिया पर सराहना हो रही है। कई लोगों ने इसे प्रशासनिक जवाबदेही की सकारात्मक मिसाल बताया। कुछ यूजर्स ने गुरुग्राम जैसे शहरों के अधिकारियों को भी NDMC से सीख लेने की सलाह दी।

लोगों का कहना है कि बारिश और जलभराव जैसी समस्याओं के बीच आमतौर पर अधिकारी सफाई या तकनीकी कारण गिनाते हैं, लेकिन यहां जिम्मेदारी स्वीकार कर समाधान का भरोसा दिलाना अलग नजर आया।

आगे व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

NDMC की ओर से अब जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों की व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। भारी बारिश के दौरान पानी की निकासी तेजी से हो और लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए मौजूदा इंतजामों की समीक्षा की जाएगी।