भोपाल। साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को राहत देने और बेवजह होल्ड किए गए बैंक खातों से रोक हटाने के लिए भोपाल पुलिस ने निगरानी व्यवस्था मजबूत की है। क्राइम ब्रांच की साइबर सेल के चार सब-इंस्पेक्टरों को शहर के चारों जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
साइबर प्रभारी एमआरएम और जीआरएम पोर्टल की नियमित निगरानी करेंगे। इसके साथ ही लंबित मामलों की समीक्षा कर उनके जल्द निराकरण का प्रयास किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित थानों की विवेचना में भी साइबर सेल के अधिकारी सहयोग करेंगे।
50 हजार रुपये तक की होल्ड राशि लौटाने की प्रक्रिया
साइबर ठगी के मामलों में ठगी की रकम कई बार अलग-अलग बैंक खातों में पहुंचने के बाद होल्ड कर दी जाती है। इससे पीड़ितों को अपनी राशि वापस पाने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसी समस्या को कम करने के लिए आइ4सी पोर्टल के तहत एमआरएम व्यवस्था लागू की गई है।
निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद 50 हजार रुपये तक की होल्ड साइबर ठगी राशि पीड़ित को वापस कराने की कार्रवाई की जा सकती है। नई निगरानी व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे मामलों में कार्रवाई को तेज करना है।
बिना संलिप्तता वाले खातों से हटेगा होल्ड
साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में कई बार ऐसे बैंक खाते भी जांच के दायरे में आ जाते हैं, जिनके खाताधारक की ठगी में कोई भूमिका नहीं होती। पुलिस की नई व्यवस्था में ऐसे मामलों की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि जांच के बाद पात्र खातों से अनावश्यक होल्ड हटाया जा सके।
चारों जोन के साइबर प्रभारियों द्वारा पोर्टल पर लंबित मामलों की नियमित निगरानी की जाएगी। इससे पीड़ितों को राशि वापस मिलने और बैंक खातों से संबंधित समस्याओं के निराकरण में तेजी आने की उम्मीद है।

