इंदौर में POP की मूर्तियां बनाने और बेचने पर प्रतिबंध, बाहर से लाने-ले जाने पर भी रोक

इंदौर। गणेशोत्सव और नवरात्रि से पहले इंदौर जिला प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। जिले में अब प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP), पकी मिट्टी, केमिकल या अन्य रासायनिक पदार्थों से मूर्ति बनाने पर पूर्ण प्रतिबं रहेगा। ऐसी मूर्तियों का बाहर से इंदौर लाना या जिले से बाहर ले जाना भी प्रतिबंधित किया गया है।

मंगलवार को कलेक्ट्रेट में मूर्ति निर्माताओं के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर रोशन राय ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मूर्तिकार संघ के प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) तथा केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन की जानकारी दी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गणेश और दुर्गा प्रतिमाओं के निर्माण में प्राकृतिक एवं पर्यावरण अनुकूल सामग्री का ही इस्तेमाल किया जाए। POP के विकल्प के तौर पर पेपर जैसी पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग किया जा सकता है।

जहरीले रंगों पर भी रोक

मूर्तियों पर केमिकल और जहरीले रंगों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने मूर्तिकारों को प्राकृतिक और गैर-विषाक्त रंगों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान प्रतिमाओं के विसर्जन से जल स्रोतों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री पर रोक लगाकर प्रदूषण को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रशासन ने मूर्ति निर्माताओं और विक्रेताओं से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।