भोपाल जीएमसी में अब आसान होगा कैंसर का इलाज, विभागों के चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति

भोपाल। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए एक राहत भरी खबर है। गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी), भोपाल में जल्द ही 'मल्टीडिस्प्लिनरी ट्यूमर बोर्ड' का गठन होने जा रहा है। इस व्यवस्था के लागू होने से मरीजों को अलग-अलग जांचों और डॉक्टरों के परामर्श के लिए विभिन्न विभागों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाएगी।

ट्यूमर बोर्ड के तहत कैंसर के उपचार से जुड़े विभिन्न विभागों (जैसे सर्जिकल, मेडिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी) के विशेषज्ञ एक साथ बैठकर मरीज की जांच रिपोर्ट, बीमारी के चरण (स्टेज) और पूर्व में हुए इलाज की समीक्षा करेंगे। इसके बाद मरीज की स्थिति के अनुसार यह तय किया जाएगा कि पहले सर्जरी की आवश्यकता है, कीमोथेरेपी की या रेडिएशन थेरेपी की।

 मरीज के लिए सभी विशेषज्ञ मिलकर एक सटीक और प्रभावी इलाज रोडमैप तैयार करेंगे।समय और धन की बचत अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने से इलाज समय पर शुरू हो सकेगा। और मरीज की शारीरिक स्थिति के आधार पर सामूहिक निर्णय लिया जाएगा, जिससे इलाज की सफलता दर बढ़ेगी।