MP में किसानों के लिए खाद वितरण व्यवस्था आसान, ई-विकास 2.0 में बदलाव; हेल्पलाइन और व्हाट्सएप सुविधा जल्द

सिवनी। मध्य प्रदेश में किसानों को खाद की उपलब्धता आसान बनाने के लिए सरकार ने ई-विकास 2.0 प्रणाली में बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार खाद खरीदने में सहूलियत मिलेगी। साथ ही खाद वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं।

कृषि विभाग के अनुसार, नई व्यवस्था में किसानों को आवश्यकतानुसार खाद लेने की सुविधा होगी। अतिरिक्त खाद लेने पर किसान को अलग से कारण बताने की बाध्यता नहीं रहेगी। इससे खाद खरीदने के दौरान किसानों को होने वाली परेशानी कम होने की उम्मीद है।

मार्कफेड केंद्रों पर बढ़ी टोकन क्षमता

नई व्यवस्था के तहत मार्कफेड केंद्रों पर टोकन जनरेट करने की क्षमता भी बढ़ाई गई है। अब इन केंद्रों पर 300 से अधिक टोकन जनरेट किए जा सकेंगे। इससे खाद लेने के लिए आने वाले किसानों को टोकन प्रक्रिया में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।

फार्मर ID बनाने के लिए विशेष अभियान

कृषि विभाग ने 20 अगस्त से फार्मर ID बनाने, अग्रिम खाद उठाव और पैक्स (PACS) की सदस्यता दिलाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। किसानों से इस अभियान का लाभ उठाने की अपील की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि फार्मर ID बनने से किसानों को कृषि संबंधी विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। सिवनी में कृषि अधिकारियों ने विधायक दिनेश राय मुनमुन को नई व्यवस्था और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी भी दी।

जल्द शुरू होगी व्हाट्सएप सुविधा

किसानों की सुविधा के लिए जल्द ही व्हाट्सएप सेवा भी शुरू की जाएगी। किसान व्हाट्सएप पर 'HELP' लिखकर टोकन और खाद से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार का उद्देश्य खाद वितरण व्यवस्था को सरल बनाने के साथ किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना है, ताकि खरीफ सीजन में उन्हें खाद के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।