नई दिल्ली। केंद्र सरकार विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 यानी एफ़सीआरए बिल को विस्तृत जांच के लिए 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज सकती है। सरकार की ओर से बुधवार को लोकसभा में इस संबंध में प्रस्ताव लाए जाने की तैयारी है।
लोकसभा की अनुपूरक कार्यसूची में कहा गया है कि विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को दोनों सदनों की संयुक्त समिति के पास भेजा जाए। प्रस्तावित समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य होंगे। लोकसभा के सदस्यों को लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सदस्यों को सभापति नामित करेंगे।
प्रस्तावित एफ़सीआरए संशोधन विधेयक को लेकर मंगलवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध देखने को मिला। तमिलनाडु विधानसभा ने सर्वसम्मति से विधेयक के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया, जबकि मिजोरम की राजधानी में बड़ी संख्या में लोगों ने सड़क पर उतरकर इसका विरोध किया।
केंद्र सरकार ने अपने सहयोगी दलों और अन्य राजनीतिक दलों को बताया है कि वह बुधवार को लोकसभा में विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने का प्रस्ताव पेश करेगी। जेपीसी में भेजे जाने के बाद विधेयक के प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा और विभिन्न पक्षों से विचार-विमर्श का रास्ता खुल जाएगा।
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में एफ़सीआरए 2.0 पोर्टल और इलेक्ट्रॉनिक ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड की शुरुआत की थी। एफ़सीआरए संशोधन को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस तेज बनी हुई है।

