भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार राज्य के शहरी ढांचे को आधुनिक और योजनाबद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन की तर्ज पर अब ग्वालियर और जबलपुर को भी मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग अथॉरिटी के दायरे में लाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे दोनों शहरों के आसपास के क्षेत्रों का एकीकृत विकास किया जा सकेगा।
14 जिलों के 2,285 गांव होंगे शामिल
प्रस्तावित योजना के तहत ग्वालियर और जबलपुर से जुड़े कस्बों और गांवों को व्यापक मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल करने की तैयारी है। करीब 14 जिलों के 2,285 गांवों को इस योजना से जोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इन क्षेत्रों को बड़े अर्बन क्लस्टर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
योजनाबद्ध तरीके से होगा विकास
मेट्रोपॉलिटन रीजन बनने के बाद शहरों के साथ आसपास के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में सड़क, परिवहन, आवास, पेयजल, सीवरेज और अन्य नागरिक सुविधाओं की योजना एकीकृत तरीके से तैयार की जा सकेगी। इससे अनियंत्रित शहरी विस्तार पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।
निवेश और रोजगार के नए अवसर
सरकार का मानना है कि बड़े शहरी क्लस्टर के रूप में विकास होने से औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ नए व्यवसाय और रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
ग्वालियर और जबलपुर को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने की योजना प्रदेश में संतुलित शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। योजना के लागू होने के बाद दोनों शहरों के आसपास के क्षेत्रों को भी आधुनिक नागरिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलने की उम्मीद है।

